Tere Rang Mein Rang Jau Ghazal | Ashish Raj Kiran | Official Author Website
बारिश, बादल, चांद, हवाएं और ये शमा प्यारा, मुझे बेकार लगता है तुम्हारे बिन जहां सारा : Ashish Raj Kiran

Tere Rang Mein Rang Jau Ghazal

 Tere Rang Mein Rang Jau Ghazal

बहुत दुनिया के रंग देखे
अब मैं तेरे रंग में रंग जाऊं
तेरी गलियों से जो गुजरू
तेरे दर पे ठहर जाऊं
बहुत भटके जमाने में
बुत बनके अब रम जाऊं
तेरा ही नाम लेकर मैं
तेरे खयालों में खो जाऊं
सारे रंज जीवन के
मैं इक पल में बिसर जाऊं,
बहा कर नीर नैनों से
दाग दामन के धो जाऊं
तुम्हारी गोद में सर रख
जो इक बार मैं सो जाऊं
खुले जब आंख मेरी तो
नया किरदार हो जाऊं

- Ashish Raj Kiran



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